भारत एक्सप्रेस’ न्यूज़ चैनल की तीसरी वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित मेगा कॉन्क्लेव ‘विकसित भारत 2047- नए भारत की बात’ में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुप्रिया पटेल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस विशेष अवसर पर चैनल के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने उनसे संवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उपेंद्र राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मंच से कहते हैं कि देश की 145 करोड़ जनता उनका परिवार है और इस कार्यक्रम के माध्यम से हम अनुप्रिया पटेल जी के विचारों को समझेंगे। उन्होंने अनुप्रिया पटेल को भारतीय राजनीति का वह चेहरा बताया जो बहुत भरोसा पैदा करता है।
अपनी पार्टी ‘अपना दल (एस)’ की विरासत और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता पर बात करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय डॉ. सोने लाल पटेल से शुरू हुआ यह संघर्ष उनके लिए कोई पेशा नहीं, बल्कि एक विरासत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय की लड़ाई एक दिन या एक बार की समस्या का हल निकालने जैसी नहीं है, बल्कि यह एक सतत संघर्ष है। देश में दबे-कुचले, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों की बड़ी आबादी को न्याय दिलाने के लिए यह लड़ाई लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज सत्ता के विभिन्न केंद्रों में इन वर्गों की भागीदारी उनकी आबादी के अनुपात में नहीं है और इसे सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत प्रयास जारी रहने चाहिए।
अनुप्रिया पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए कई ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग कर रही थी, जिसे वर्तमान सरकार ने स्वीकार किया और देश में जातीय जनगणना शुरू हुई। इसी प्रकार, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग वर्षों से अनसुनी की जा रही थी, लेकिन इस सरकार ने उसे भी पूरा किया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत के सामने स्वास्थ्य सेवाओं की अनूठी चुनौतियाँ हैं। विशाल आबादी, विविधताएं, डॉक्टरों और स्वास्थ्य संसाधनों की कमी तथा संचारी और गैर-संचारी रोगों का दोहरा बोझ – इन सबको देखते हुए टेक्नोलॉजी का एकीकरण एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एआई पावर्ड हैंड-हेल्ड एक्स-रे डिवाइस और ‘कफ अगेंस्ट टीबी’ जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में उन मामलों को पकड़ा गया है, जो अन्यथा छूट सकते थे। एम्स दिल्ली, ऋषिकेश और पीजीआई में एआई सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भी बनाए गए हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में शुरू किए गए दो राष्ट्रीय ढाँचों ‘सही’ और ‘बोध’ की जानकारी दी। ‘सही’ नीति निर्माताओं और हितधारकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के नैतिक उपयोग के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है, जबकि ‘बोध’ क्लीनिकली वैलिडेटेड एआई टूल्स के उपयोग को सुनिश्चित करता है।
किडनी रोगों के प्रति जागरूकता पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने विस्तार से बताया कि डायबिटीज और हाइपरटेंशन क्रॉनिक किडनी डिजीज के मुख्य जोखिम कारक हैं। सरकार अब प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में देश भर के 1.88 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हर नागरिक की डायबिटीज, हाइपरटेंशन और तीन प्रमुख कैंसर (ओरल, ब्रेस्ट, सर्वाइकल) की प्रारंभिक जांच की जा रही है। यह जांच अर्ली डायग्नोसिस और समय पर इलाज में मददगार साबित हो रही है।
मिर्जापुर की छवि पर बात करते हुए अनुप्रिया पटेल ने वेब सीरीज में दिखाई गई तस्वीर को पूरी तरह काल्पनिक बताया। उन्होंने कहा कि न तो वहां कोई कालीन भैया है और न ही वैसा क्राइम। उनका मिर्जापुर बेहद खूबसूरत है, जहां सीधे-सादे लोग रहते हैं। मिर्जापुर की असली पहचान चुनार के किले, विंध्यवासिनी मंदिर, वहां की कालीन, कजरी लोकगीत और स्थानीय बोली-भाषा के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में निर्माण सामग्री के लिए सबसे अधिक गिट्टी मिर्जापुर से ही जाती है और यह प्रदेश का एक महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र है।
महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एक अहम सवाल पर अनुप्रिया पटेल ने हाल ही में 28 फरवरी को शुरू किए गए सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पहले से ही ढाई करोड़ बच्चों और करीब 2 करोड़ 90 लाख गर्भवती महिलाओं को 11 प्रकार के टीके लगाए जा रहे हैं। अब इसमें एक नई कड़ी जुड़ी है। सर्वाइकल कैंसर, जो ब्रेस्ट कैंसर के बाद महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है, से बचाव के लिए देश की 14 वर्ष की करीब 1 करोड़ 20 लाख बच्चियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि वे बहुत धैर्यपूर्वक सुनने वाले इंसान हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे किसी मुद्दे पर उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलीं, उन्होंने ध्यान से सुना। उनका अनुभव है कि प्रधानमंत्री जी मंचों पर जैसे दिखते हैं, वैसे वन-टू-वन बातचीत में नहीं होते। वहां वे बहुत कम शब्दों में बात करते हैं और पूरी तरह से सुनने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यदि किसी मुद्दे पर आगे कुछ हो सकता है, तो वे उस पर चर्चा भी करते हैं। वे हर विषय को ध्यानपूर्वक सुनते हैं और संज्ञान में लेते हैं।
अपने दूसरे मंत्रालय रसायन एवं उर्वरक के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को हर फसली सीजन में समय पर, उचित मूल्य पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर फसली वर्ष की मांग के अनुसार मासिक आपूर्ति योजना बनाई जाती है। इसे लागू करने के लिए रेलवे, पोर्ट्स एवं शिपिंग, कृषि मंत्रालय और राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत खरीफ और रबी सीजन में किसानों तक खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
अनुप्रिया पटेल ने अपनी पार्टी के विजन और सामाजिक न्याय की लड़ाई को विस्तार से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए राजनीति कोई करियर नहीं, बल्कि उनके पिता से शुरू हुई सामाजिक न्याय की लड़ाई है, जिसे वे आगे बढ़ा रही हैं। उपेंद्र राय ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि वे बिना मांगे ही सम्मान और जिम्मेदारियां पाती हैं, जैसा कि संत कबीर के जीवन में देखने को मिलता है। इस अवसर पर चैनल की ओर से उन्हें बुके और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अगले सत्र में ‘मिट्टी के लाल’ रवि किशन के साथ चर्चा होगी, जिसमें विकसित भारत 2047 में मिट्टी की अहमियत पर बात होगी।


