Union Minister Anupriya Patel says India is Pharmacy of the World

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा: ‘भारत फार्मा सेक्टर में दुनिया का लीडर, फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड बनने की ओर अग्रसर’

भारत फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल — 200 देशों को दवाएं, ₹50 अरब डॉलर बाजार | India Pharma 2026
💊 Health & Pharma · Government Statement · India
नई दिल्ली · 13 अप्रैल 2026 · Bundelkhand 24×7
🔔 बड़ा बयान
💊 अनुप्रिया पटेल: भारत Pharmacy of the World  •  200+ देशों को दवाएं निर्यात  •  ₹50 अरब डॉलर का फार्मा बाजार  •  60% वैश्विक वैक्सीन उत्पादन भारत में  •  10,000+ दवा निर्माण इकाइयां  •  बुंदेलखंड में फार्मा अवसर  • 
💊 Pharma Statement 13 अप्रैल 2026 Ministry of Health

भारत बन रहा है ‘Pharmacy of the World’!

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा — भारत दुनिया का सबसे बड़ा और भरोसेमंद फार्मास्युटिकल हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। 200 से अधिक देशों को दवाएं और वैक्सीन उपलब्ध कराकर भारत ने यह साबित कर दिया है।

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श्रीमती अनुप्रिया पटेल
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री | Government of India
📅 13 April 2026 · New Delhi
🌍 200+ देश — निर्यात 💰 ₹50 अरब डॉलर बाजार 💉 60% वैश्विक वैक्सीन 🏭 10,000+ दवा कंपनियां 🥇 #3 सबसे बड़ा उत्पादक
भारतीय फार्मा सेक्टर — मुख्य आंकड़े
🌍
200+
देशों को दवाएं
निर्यात होती हैं
💰
$50B
फार्मा बाजार
अरब डॉलर
💉
60%
वैश्विक वैक्सीन
उत्पादन हिस्सेदारी
🏭
10K+
दवा निर्माण
इकाइयां

🏆 भारत क्यों है ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’?

🇮🇳 भारत की फार्मा ताकत — 3 बड़े कारण

#3
Volume के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल उत्पादक
#1
दुनिया का सबसे बड़ा Generic Medicine Exporter — कम लागत, उच्च गुणवत्ता
60%
वैश्विक वैक्सीन उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी — Covid Vaccine में अहम भूमिका
📌 COVID-19 के दौरान भारत ने दुनिया के 100+ देशों को वैक्सीन और आवश्यक दवाएं पहुंचाईं — यही वो पल था जब भारत ने सच में ‘Pharmacy of the World’ का तमगा हासिल किया।

💬 मंत्री अनुप्रिया पटेल का बयान

हमारी सरकार ने फार्मा सेक्टर में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। परिणामस्वरूप, देश में दवाओं का उत्पादन तेजी से बढ़ा है और अब हम दुनिया की कई बीमारियों की दवाओं के लिए एक प्रमुख स्रोत बन गए हैं।

श्रीमती अनुप्रिया पटेल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री | 13 अप्रैल 2026

🔬 नवाचार और अनुसंधान

PM मोदी के नेतृत्व में भारत का फार्मास्युटिकल सेक्टर लगातार मजबूत हुआ है। R&D में निवेश बढ़ा है। नई दवाओं का उत्पादन तेजी से बढ़ा। Make in India और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने फार्मा को नई ऊर्जा दी। भारत अब दुनिया के कई देशों को सस्ती और प्रभावी दवाएं उपलब्ध करा रहा है।

🔍 DCGI — गुणवत्ता नियंत्रण

Drugs Controller General of India (DCGI) द्वारा नियमित निरीक्षण। मानकों का पालन न करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई। नई नीतियां बनाई गई हैं — दवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। विदेशों में भारतीय दवाओं पर भरोसा और भी मजबूत होगा।

🌱 बुंदेलखंड में फार्मा अवसर

मंत्री पटेल ने बुंदेलखंड क्षेत्र में फार्मास्युटिकल उद्योग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस क्षेत्र में छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को बढ़ावा दे रही हैं। स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। दवा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को और मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है।

🏅 भारतीय फार्मा — प्रमुख उपलब्धियां

🇮🇳

India Pharma — Key Achievements 2026

🌍
वैश्विक निर्यात
200+ देशों को Generic Medicine। दुनिया का सबसे बड़ा Generic Exporter।
💉
COVID वैक्सीन
100+ देशों को COVID Vaccine। Serum Institute — दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता।
🏭
Make in India
10,000+ दवा कंपनियां। आत्मनिर्भर भारत। घरेलू उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि।
सरकार की प्रमुख फार्मा पहल
✅ Make in India — Pharma 🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत 🔍 DCGI Quality Control 🔬 R&D Promotion Policy 💊 Jan Aushadhi Scheme 🌿 Ayushman Bharat 🏭 PLI Pharma Scheme 📦 API Manufacturing India

📰 पूरी खबर: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का बयान — भारत ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और भरोसेमंद फार्मास्युटिकल हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ‘भारत फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ (Pharmacy of the World) के रूप में उभर रहा है और कोविड महामारी के दौरान दुनिया को वैक्सीन और दवाइयाँ उपलब्ध कराकर उसने यह साबित भी कर दिया है।

🏅 भारत का बढ़ता कदम — विश्व में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल उत्पादक देश है। यहाँ उत्पादित दवाएँ 200 से अधिक देशों को निर्यात की जाती हैं। भारतीय जेनेरिक दवाएँ अपनी कम लागत और उच्च गुणवत्ता के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने दुनिया के कई देशों को वैक्सीन और आवश्यक दवाएँ पहुँचाकर ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ की अपनी छवि को मजबूत किया।

🔬 नवाचार और अनुसंधान पर सरकार का ध्यान

श्रीमती पटेल ने कहा, “हमारी सरकार ने फार्मा सेक्टर में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। परिणामस्वरूप, देश में दवाओं का उत्पादन तेजी से बढ़ा है।” सरकार की Pro-Active नीतियों और उद्योग के सहयोग से भारत अब दुनिया के कई देशों को सस्ती और प्रभावी दवाएँ उपलब्ध करा रहा है।

🌱 बुंदेलखंड में फार्मा उद्योग की संभावनाएं

अपने संबोधन में उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में फार्मास्युटिकल उद्योग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस क्षेत्र में छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

🔍 DCGI और गुणवत्ता नियंत्रण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार दवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। DCGI द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं और मानकों का पालन न करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में कई नई नीतियाँ बनाई गई हैं जिनसे दवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होगा और विदेशों में भारतीय दवाओं पर भरोसा बढ़ेगा।

📊 भारतीय फार्मा क्षेत्र के आंकड़े

भारत का फार्मास्युटिकल बाजार वर्तमान में लगभग 50 अरब डॉलर का है और यह तीव्र गति से बढ़ रहा है। देश में 10,000 से अधिक दवा निर्माण इकाइयाँ हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा जेनेरिक दवा निर्यातक है और वैश्विक टीका उत्पादन में इसकी 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार की Make in India और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने फार्मा सेक्टर को नई ऊर्जा दी है।

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